मिज़ोरम के स्कूलों में हर महीने होगा ‘हिंदी बोलने का दिन’, छात्रों की भाषा दक्षता बढ़ाने की पहल
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Mizoram Hindi Speaking Day
मिज़ोरम के सभी स्कूलों में महीने में एक दिन हिंदी बोलना अनिवार्य.
छात्रों में हिंदी बोलचाल की दक्षता बढ़ाने पर जोर.
SCERT द्वारा स्पोकन हिंदी की किताबें तैयार की जाएंगी.
Mizoram / सूत्रों के मुताबिक, मिज़ोरम सरकार ने राज्य में हिंदी भाषा की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से एक अहम पहल की घोषणा की है। स्कूल शिक्षा मंत्री वनलालथलाना ने मंगलवार को कहा कि राज्य के सभी स्कूलों में हर महीने एक दिन “हिंदी बोलने का दिन” मनाया जाएगा। इस दिन छात्रों और शिक्षकों को आपस में बातचीत हिंदी में करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह पहल राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग की निगरानी में लागू की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य खासकर छात्रों में बोली जाने वाली हिंदी की समझ और आत्मविश्वास को बढ़ाना है। मिज़ोरम एक पहाड़ी राज्य है, जहां मिज़ो जनजातीय समुदाय की आबादी अधिक है और यहां हिंदी बोलने वालों की संख्या काफी कम है। राज्य में मिज़ो और अंग्रेज़ी आधिकारिक भाषाएं हैं, जबकि हिंदी का दैनिक जीवन में बहुत कम उपयोग होता है।
वनलालथलाना ने कहा कि मिज़ोरम के लोगों को देश के अन्य हिस्सों में जाने पर अक्सर भाषा की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है, क्योंकि वे हिंदी धाराप्रवाह नहीं बोल पाते। खासकर छात्र जब शिक्षा पूरी करने के बाद नौकरी के लिए अन्य राज्यों में जाते हैं, तो हिंदी न जानने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आज के समय में कई क्षेत्रों में हिंदी का ज्ञान आवश्यक होता जा रहा है, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल किसी भाषा को थोपने के लिए नहीं है, बल्कि छात्रों को रोज़गार और सामाजिक संवाद के लिए सक्षम बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। मंत्री ने बताया कि हिंदी शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे छात्रों को सहज और व्यावहारिक तरीके से हिंदी बोलना सिखा सकें। जो छात्र हिंदी बोलने में कमजोर हैं, उन्हें अलग से विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इसके अलावा, राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा बोली जाने वाली हिंदी पर आधारित विशेष पाठ्यपुस्तकें तैयार की जाएंगी। हिंदी बोलने का यह दिन हर महीने स्कूल के अवकाश (रीसेस) के दौरान मनाया जाएगा, ताकि छात्र बिना दबाव के हिंदी में बातचीत कर सकें।
मंत्री ने कहा कि यह पहल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसरों के लिए तैयार करेगी। सरकार का मानना है कि भाषा की यह क्षमता मिज़ोरम के युवाओं को देश की मुख्यधारा से और मज़बूती से जोड़ने में मदद करेगी।